राफेल के गोपनीय दस्तावेज रक्षा मंत्रालय से चोरी, सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से पूछा-क्या कार्रवाई की

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Jwelleshwari News

Publish Date:Thu, 07 Mar 2019

नई दिल्ली, एजेंसी। राफेल मामले में बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका पर सुनवाई के दौरान सरकार ने कहा कि रक्षा मंत्रालय से इस करार के गोपनीय दस्तावेज चोरी हो गए हैं। सरकार ने चेतावनी दी कि इनके आधार पर रिपोर्ट छापने वाले अंग्रेजी अखबार ‘द हिंदू’ के खिलाफ सरकारी गोपनीयता कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पूछा कि दस्तावेज चोरी हुए तो सरकार ने क्या कार्रवाई की? याचिकाकर्ताओं की ओर से प्रशांत भूषण ने कहा कि सरकार ने अब तक एफआईआर दर्ज नहीं कराई है। मामले की 14 मार्च को फिर सुनवाई होगी।

14 दिसंबर के फैसले पर कोर्ट कर रही पुनर्विचार
याद रहे, सुप्रीम कोर्ट ने भारत व फ्रांस के बीच हुए राफेल करार को चुनौती देने वाली सारी याचिकाएं 14 दिसंबर को खारिज कर दी थीं और सरकार को क्लीनचिट दे दी थी। इस फैसले के खिलाफ पूर्व केंद्रीय मंत्री अरूण शौरी व यशवंत सिन्हा तथा वकील प्रशांत भूषण ने साझा पुनर्विचार याचिका दायर की है। इसमें आरोप लगाया गया है कि जब सुप्रीम कोर्ट ने सारी याचिकाएं खारिज करने का फैसला किया तब केंद्र ने अहम तथ्य छिपाए थे। पुनर्विचार याचिका की सुनवाई प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ कर रही है। पीठ में जस्टिस एसके कौल व जस्टिस केएम जोसेफ भी शामिल हैं।
दस्तावेजों की चोरी की जांच जारी: अटॉर्नी जनरल
बुधवार को सुनवाई के दौरान प्रशांत भूषण ने जब वरिष्ठ पत्रकार एन. राम के आलेख का जिक्र किया तो अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने कहा कि जिन लोगों ने राफेल करार के दस्तावेज चुराए हैं, वे सरकारी गोपनीयता कानून व कोर्ट की अवमानना के दोषी हैं। चोरी की जांच चल रही है, अभी एफआईआर दर्ज नहीं कराई गई है। उन्होंने कहा कि राम का पहला लेख ‘द हिंदू’ में 8 फरवरी को छपा था और बुधवार के अंक में एक और लेख छपा है। ये कोर्ट की कार्यवाही को प्रभावित करने के लिए लिखे गए हैं, जोकि अदालत की अवमानना के तहत आते हैं। अखबार ने दस्तावेजों पर लिखे ‘सीक्रेट’ शब्द को मिटाकर प्रकाशन किया है। उन्होंने भूषण की पुनर्विचार याचिका खारिज करने की मांग की।

..कोर्ट में यूं हुई जिरह..
प्रशांत भूषण: यदि राफेल के अहम तथ्य नहीं छिपाए जाते तो शीर्ष कोर्ट एफआईआर व सीबीआई जांच की मांग वाली उनकी याचिका खारिज नहीं करती।
वेणुगोपाल: भूषण जिन दस्तावेजों पर भरोसा कर रहे हैं वे रक्षा मंत्रालय से चुराए गए हैं।
जस्टिस गोगोई: भूषण को सुनने का मतलब यह नहीं है कि शीर्ष कोर्ट राफेल करार के दस्तावेज रिकॉर्ड पर ले रही है। वेणुगोपाल बताएं चोरी के मामले में सरकार ने क्या कार्रवाई की?
वेणुगोपाल: चोरी गए दस्तावेजों पर गोपनीय लिखा था, यह सरकारी गोपनीयता कानून का उल्लंघन है। राफेल केस रक्षा खरीदी से संबंधित है, जिसकी न्यायिक समीक्षा नहीं हो सकती।
एफ-16 से बचाव के लिए राफेल जरूरी: सरकार
सुनवाई के दौरान अटॉर्नी जनरल वेणुगोपाल ने पिछले हफ्ते पाकिस्तान से हुए हवाई टकराव का जिक्र करते हुए कहा कि हाल ही में हम पर बम गिराने वाले एफ-16 विमानों से बचाव के लिए राफेल जरूरी है। राफेल के बिना हम उनसे मुकाबला कैसे करेंगे। राफेल के दो बे़डे तत्काल उ़़डान के लिए तैयार हालत में मिल रहे हैं। पहला बे़डा इसी साल सितंबर में आ जाएगा।

पीएम मोदी पर केस दायर करने का वक्त: कांग्रेस

उधर कांग्रेस ने फिर राफेल मामले में पीएम नरेंद्र मोदी को घेरा और कहा कि पीएम के खिलाफ एफआईआर दायर करने का वक्त आ गया है। पार्टी प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने आरोप लगाया कि पीएम मोदी ने दसौ एविएशन को लाभ पहुंचाने के लिए अपने दफ्तर का दुरपयोग किया और खजाने को नुकसान पहुंचाया।

संजय सिंह की याचिका बेहद अपमानजनक, सुनवाई नहीं
सुप्रीम कोर्ट ने राफेल मामले में आप सांसद संजय सिंह की याचिका को न्यायपालिका के लिए बेहद अपमानजनक बताते हुए उस पर सुनवाई से इनकार कर दिया। साथ ही यह भी कहा कि कोर्ट सिंह के बयानों व टिप्पणियों को लेकर आगे आदेश भी जारी करेगी। सुनवाई शुरू होते ही सीजेआई गोगोई ने पूछा कि संजय सिंह की तरफ से कौन पैरवी कर रहा है? जब संजय हेग़़डे ख़़डे हुए तो कोर्ट ने सिंह के व्यवहार व बयानों को लेकर आपत्ति जताई। हेग़़डे ने अनभिज्ञता जताई तो कोर्ट ने कहा कि वे अपने मुवक्किल से चर्चा कर बताएं। सिंह की याचिका भी उन याचिकाओं में शामिल थी, जिन्हें 14 दिसंबर 2018 को खारिज कर दिया गया था।