अब पुरानी गाड़ी का नंबर नए वाहन में लगा सकेंगे, सीएम आज दे सकते हैं अनुमति

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Amar ujala

Updated Tue, 04 Jun 2019

प्रदेश के लोग आने वाले दिनों में मोबाइल की तरह वाहन के गाड़ी नंबर भी बदल सकेंगे। इसके अलावा यातायात नियमों का उल्लंघन करने पर ज्यादा जुर्माना चुकाना होगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता वाली प्रदेश कैबिनेट मंगलवार को इन दोनों ही तरह की व्यवस्था को लागू करने के लिए मोटर यान नियमावली में संशोधन को मंजूरी दे सकती है।

सूत्रों ने बताया कि  परिवहन विभाग ने वाहन स्वामियों को नंबर पोर्टेबिलिटी की सुविधा देने का प्रस्ताव तैयार किया है। इसके अंतर्गत कोई व्यक्ति अपनी पुरानी गाड़ी का नंबर नई गाड़ी पर लगा सकेगा, लेकिन इसकी शर्त ये है कि दोनों ही गाड़ियों का वाहन स्वामी एक ही होना चाहिए।

इसी तरह यातायात नियमों का उल्लंघन करने पर लोगों को ज्यादा जुर्माना लगाने का प्रस्ताव है। बताया गया है कि नियमों के उल्लंघन के हिसाब से जुर्माने की राशि में वृद्धि प्रस्तावित है।

प्रदेश कैबिनेट गन्ना पर्यवेक्षक संवर्ग से संबंधित सेवा नियमावली में संशोधन व अटल नवीकरण व रूपांतरण मिशन के अंतर्गत 2017-20 केलिए मिर्जापुर सीवरेज योजना फेज-2 को मंजूरी दे सकती है। व्यवसायिक शिक्षा व राज्य संपत्ति विभाग एकमुश्त बजट व्यवस्था के अंतर्गत जारी वित्तीय स्वीकृतियाें का हिसाब-किताब भी कैबिनेट के सामने पेश करेंगे

मेट्रो के लिए एकल कंपनी बनाने का प्रस्ताव

प्रदेश के विभिन्न महानगरों में मेट्रो रेल परियोजना या रेल आधारित मास रैपिड ट्रांजिट सिस्टम परियोजनाओं के क्रियान्वयन के लिए यूपी मेट्रो रेल कार्पोरेशन के नाम से एकल विशेष प्रयोजन साधन (सिंगल स्पेशल परपज व्हीकिल)गठित करने का प्रस्ताव है। वर्तमान में लखनऊ मेट्रो के लिए अलग, नोएडा के लिए अलग-अलग एसपीवी काम कर रही है। पूरे प्रदेश में मेट्रो रेल सिस्टम के विस्तार व क्रियान्वयन के लिए यह प्रस्ताव किया गया है।

अब 30 जून तक अनुदान से ओबीसी की बेटियों की शादी
अन्य पिछड़े वर्ग के व्यक्तियों की पुत्रियों की शादी के संबंध में शादी अनुदान योजना में मार्च तक प्राप्त आवेदन पत्रों पर कार्यवाही की समयसीमा 30 जून तक बढ़ाने का प्रस्ताव है। इसकी समयसीमा 31 मई, बीत चुकी है।

अशासकीय माध्यमिक विद्यालयों में आयोग करेगा लिपिकों की नियुक्ति

प्रदेश के अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में मौलिक रूप से रिक्त शिक्षणेत्तर कर्मियों (लिपिकीय संवर्ग) के पदों पर नियुक्ति के लिए चयन की जिम्मेदारी माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड प्रयागराज को देने का प्रस्ताव है। इसके लिए माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड अधिनियम में संशोधन होगा। इस प्रस्ताव पर भी कैबिनेट में फैसले की संभावना है।